आचार्य श्री विमलसागरसूरिजी Naye Soch Naye Disha Vimal Sagar Ji

आचार्य श्री विमलसागरसूरिजी Naye Soch Naye Disha Vimal Sagar Ji

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वैचारिक क्रांति का सूत्रपात

◆ विचार बहुत शक्तिशाली होते हैं.
सकारात्मक विचार कल भी महत्वपूर्ण थे,
आज भी प्रभावशाली हैं,
आने वाले कल भी परिवर्तन के स्रोत रहेंगे.

◆ विचारों का वैभव अनूठा होता है.
वे मनुष्य की सुप्त चेतना को जगा सकते हैं,
सबको प्रेरणाओं से भर सकते हैं,
वे गये-गुजरे में भी परिवर्तन ला सकते हैं,
वे आचरण को परिशुद्ध कर सकते हैं.
सारी क्रांतियों का मार्ग सबसे पहले विचारों से ही प्रशस्त होता है.

◆ विचारों में ऐसा दमखम होता है कि वे सल्तनतों को झुका सकते हैं,
भगवान को रिझा सकते हैं,
संकल्प और निष्ठा का संबल देकर संसार की मति और गति पूरी तरह बदल सकते हैं.

◆ अतीत में दुनिया ने अनेक वैचारिक क्रान्तियां देखी हैं.
आज भी कितना ही तकनीकी या भौतिक विकास क्यों न हो जायें,
फिर से कोई वैचारिक क्रान्ति ही मानवजाति को शांति से जीने का संदेश देगी !

◆ बस, सकारात्मक विचारों के बलबूते पर जन-जन तक ज्ञान का उजाला पहुंचाते हुए सबके जीवन को सुख-शांति से ओतप्रोत करने की तमन्ना लेकर आ रही है नई सोच, सही दिशा !

◆ यह एक ऐसा कारोबार है कि जिसमें खोने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है, लेकिन पाने के लिए आपके पास सुनहरा अवसर है !

◆ सोमवार को कोबा आकर आप भी अपनी तक़दीर आजमाइये !

–आचार्य श्री विमलसागरसूरिजी

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