श्री सुपार्श्वनाथ भगवान का परिचय Suparshwanath Bhagwan Introduction

श्री सुपार्श्वनाथ भगवान का परिचय Suparshwanath Bhagwan Introduction

सुपार्श्वनाथ : सातवें तीर्थंकर सुपार्श्वनाथ के पिता का नाम प्रतिस्थसेन तथा माता का नाम पृथ्वी देवी था।
आपका जन्म वाराणसी में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की बारस को हुआ था।
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अंकी त्रयोदशी को आपने दीक्षा ग्रहण की तथा फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमि आपको कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ।


फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी के दिन आपको सम्मेद शिखर पर निर्वाण प्राप्त हुआ।
जैन धर्मावलंबियों अनुसार आपका प्रतीक चिह्न-स्वस्तिक,चैत्यवृक्ष- शिरीष, यक्ष- विजय, यक्षिणी- पुरुषदत्ता है।
प्रभु के नामकरण में गर्भित रहस्य
सुपार्श्वनाथ : प्रभु के गर्भ में आने के बाद माता के दोनों पक्ष सुन्दर हो गए….. अत: प्रभु का नाम “सुपार्श्व” रखा गया|
जिन दर्शन स्तुति (Jin Darshan Stuti)
देवधिदेवं कयकम्मणासं,
वंदे जीनींद सुहदं सुपासं |
आया सुहं लब्भइ थोवकाले,
णामेंण जाई कलुसो पयाले |
इसका अर्थ है : कृत कर्मो का नाश करने वाले, सुख देने वाले , जिनेंद्र देवाधिदेव सुपार्श्वनाथ को मै वंदन करता हूँ, जिनके नाम से आत्मा अल्पकाल में सुख को प्राप्त करता है एवंकलुषिता पाताल में जाती है |

जैन धर्म सबंधी ज्ञान पाने का सबसे बेहतर तरीका , आज ही जुड़े हमारी सोशल मीडिया चेनल्स से :

fb.me/guruvanisurat
Whatsapps:-+919173366515
youtube.com/guruvanisurat

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *